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Showing posts from November, 2019

रासायनिक पाचन और पाचन प्रक्रिया क्या है?

रासायनिक पाचन और पाचन प्रक्रिया: मनुष्यों के अंदर विकसित होने वाली हर चीज रासायनिक पाचन और पाचन प्रक्रियाद्वारा निर्धारित होती है।

 रासायनिक पाचन और पाचन प्रक्रिया  के ऊपर सारी जानकारी आज आपको इस आर्टिकल में मिल जाएगी।

 इससे आपको पता चल जाएगा कि रासायनिक पाचन और पाचन प्रक्रिया क्या है।

रसायनिक पाचन क्या है । जब हम खाना खाने और खाना पचाने की बात करते हैं। तो, हमारा भोजन सिर्फ दांतों से चबाने से नहीं पचता है,

 इसे पहले हमारे मुंह से हमारे पेट तक जाना पड़ता है, फिर प्रक्रिया शुरू होती है जिसके बाद यह पच जाता है।
रासायनिक पाचन का उद्देश्य।भोजन कुछ ही समय में आपके मुंह से आपके पाचन तंत्र में चला जाता है, यह पाचन एंजाइमों द्वारा टूट जाता है और बहुत छोटा हो जाता है।

 इसे छोटे पोषक तत्वों में बदल देता है जिसे आपका शरीर आसानी से अवशोषित कर सकता है। इसके बिना, आप कुछ भी खाते हैं।

आपका शरीर पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए पढ़ते रहें
रासायनिक पाचन और यांत्रिक पाचन प्रक्रिया  के बीच अंतर। हमारा शरीर भोजन को पचाने के लिए दो प्रकार के तरीकों का उपयोग करता है जो मनुष…

भोजन के प्रमुख कार्य क्या है? शक्ति का स्रोत

भोजन के प्रमुख कार्य: भोजन के प्रमुख कार्य को समझने से पहले हमें यह समझना होगा कि भोजन हमारे लिए जरूरी क्यों है|
भोजन क्यों आवश्यक है
इस दुनिया में पल रहे कोई भी जीव ऐसा नहीं है जिसे भोजन की आवश्यकता ना पड़ती हो बिना भोजन के बोल रहा ही नहीं सकता|

 पृथ्वी पर रह रहे हर एक जीव को कार्य करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है, और वह ऊर्जा आपको भोजन से ही मिलती है किसी और परकार की कोई भी वस्तु से आपको ऊर्जा नहीं मिलता|

 ऊर्जा के अलावा भोजन हमें कई ऐसे पोषक तत्व देता है जिससे हमें बीमारियां नहीं होती हैं और हमें उन बीमारियों से लड़ने की शक्ति भी प्रदान करता है|

 जन्म से लेकर मरण तक हमारे शरीर को विकसित करने में हमारी मदद करता| इसीलिए भोजन की आवश्यकता हम सभी को हैं|

 आशा है कि आप सभी समझ गए होंगे|अब हम बात करेंगे भोजन के प्रमुख कार्यों के ऊपर|
भोजन के प्रमुख कार्य क्या है |शरीर की वृद्धि एवं विकासशक्ति का स्रोतशरीर का तापबेजान सेलो का पुन :बननाशारीरिक प्रणालियों का ठीक काम करनाशरीर की वृद्धि एवं विकास: जिस समय मनुष्य पैदा होता है तब उसका आकार बहुत ही छोटा होता है मानो मनुष्य के  एक हाथ से …