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Tuesday, 8 September 2020

Bhojan Ke Pramukh Karya Kya He

 भोजन के प्रमुख कार्यभोजन के प्रमुख कार्य  को समझने से पहले हमें यह समझना होगा कि भोजन हमारे लिए जरूरी क्यों है|

  • भोजन क्यों आवश्यक है

Bhojan Ke Pramukh Karya Kya He
भोजन के प्रमुख कार्य क्या है? शक्ति का स्रोत

इस दुनिया में पल रहे कोई भी जीव ऐसा नहीं है जिसे भोजन की आवश्यकता ना पड़ती हो बिना भोजन के बोल रहा ही नहीं सकता|

 पृथ्वी पर रह रहे हर एक जीव को कार्य करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है, और वह ऊर्जा आपको भोजन से ही मिलती है किसी और परकार की कोई भी वस्तु से आपको ऊर्जा नहीं मिलता|

 ऊर्जा के अलावा भोजन हमें कई ऐसे पोषक तत्व देता है जिससे हमें बीमारियां नहीं होती हैं और हमें उन बीमारियों से लड़ने की शक्ति भी प्रदान करता है|

 जन्म से लेकर मरण तक हमारे शरीर को विकसित करने में हमारी मदद करता| इसीलिए भोजन की आवश्यकता हम सभी को हैं|आशा है कि आप सभी समझ गए होंगे|अब हम बात करेंगे भोजन के प्रमुख कार्यों के ऊपर|

भोजन के प्रमुख कार्य क्या है |

  1. शरीर की वृद्धि एवं विकास
  2. शक्ति का स्रोत
  3. शरीर का ताप
  4. बेजान सेलो का पुन :बनना
  5. शारीरिक प्रणालियों का ठीक काम करना
शरीर की वृद्धि एवं विकास: जिस समय मनुष्य पैदा होता है तब उसका आकार बहुत ही छोटा होता है मानो मनुष्य के  एक हाथ से भी छोटा होता है |

 परंतु जैसे-जैसे समय बीतता जाता है| तब हम अपनी आंखों से जब उसे देखते हैं |वह बड़ा होता जाता है| जिसका सबसे मुख्य कारण यही है कि जैसे-जैसे वह भोजन ग्रहण करता रहता है|

उसके शरीर में छोटे-छोटे सैल बढ़ते रहते हैं |जिसकी वजह से उसका शरीर विकसित होता जाता है |

  शक्ति का स्रोत: शरीर को हमेशा किसी भी कार्य को संपूर्ण करने के लिए ताकत की जरूरत होती है|

 जैसे एक मोटरसाइकिल में पेट्रोल खत्म हो जाए तो वह नहीं चलता उसे पेट्रोल की जरूरत होती है, उसी प्रकार शरीर रूपी मशीन को चलाने हेतु भोजन पेट्रोल का काम करता है |

 यह भोजन की  ही देन है कि हम सदा चलते-फिरते तथा दौड़ते रहते हैं यदि हम अच्छा तथा संतुलित भोजन  करना चाहिए जिससे शरीर ताकतवर तथा त मजबूत होता है|

  शरीर का ताप: मानव जो भी भोजन खाता है।  वह पाचन प्रणाली तथा आंतों में जाकर कई परिवर्तन धारण कर लेता है.

इसमें जो रस निकलता है,  फिर वह रक्त द्वारा शरीर के सभी हिस्सों में पहुंचता है तथा शरीर की सर्दी गर्मी की मात्रा ठीक रखता है और शरीर को हर एक तरह की बीमारियों से बचाता है|

  बेजान सेंलो का पूर्ण बननाजब वह बैठ कर आराम कर रहे हो तब भी शरीर के कुछ अंग काम करते हैं उस समय शरीर में सेंलो की टूट-फूट होती रहती है.

  इस टूट-फूट से शरीर में गर्मी पैदा होती है तथा कुछ सेल बेजान हो जाते हैं इन बेजान सेलों को पुन  बनाने के लिए भोजन की जरूरत पड़ती है|

  शारीरिक प्रणालियों का ठीक काम करना मनुष्य के शरीर में जितने भी अंग है,  वह अपना अपना काम करते रहते हैं चाहे आप हीले  चाहे डोले, चाहे आप कुछ भी ना करें फिर भी वह अपना काम करते रहते हैं.

 कई अंगों को मिलाकर एक प्रणाली बन जाती है जो अपना सारा कामकरते रहते हैं |

 मनुष्य के शरीर में कई प्रकार की प्रणालियां है, जैसे 

  • रेक्त चक्र प्रणाली,

  • भोजन प्रणाली 

  • श्वास प्रणाली आदि |

 इन प्रणालियों को ठीक तरह से काम करने के लिए खनिज लवण तथा विटामिन की जरूरत पड़ती है|

यह भी पढें - आहार क्या है। आहार के प्रकार 



अब आपने यह पूरा आर्टिकल पढ़ लिया है तो आपको अब पता लग गया होगा कि भोजन के प्रमुख कार्य क्या होते हैं? 

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